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लखनऊ में दिवाली 2026: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 5:43 – रात 7:40

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 2026: पंचांग के नियमों से तारीख़ और समय।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

शाम 5:43 – रात 7:40

रविवार, 8 नवंबर 2026 · लखनऊ

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में, जब स्थिर लग्न वृषभ उदय हो रहा हो और अमावस्या चल रही हो, की जाती है। स्थिर लग्न इसलिए चुना जाता है ताकि लक्ष्मी घर में स्थिर रहें।

लखनऊ में समय

सूर्यास्तशाम 5:19
प्रदोष कालशाम 5:19 – रात 7:55
वृषभ लग्नशाम 5:43 – रात 7:40
महानिशीथ काल (मध्यरात्रि पूजा)रात 11:24 – 12:16
सिंह लग्नरात 12:13 – 2:28
अमावस्या आरंभसुबह 11:28
अमावस्या समाप्तदोपहर 12:32, 9 नवंबर

लखनऊ में दिवाली 2026: पांचों दिन

पर्वतारीख़समय
धनतेरस
धनतेरस पूजा मुहूर्त
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026शाम 5:51 – रात 7:47
नरक चतुर्दशी
अभ्यंग स्नान
रविवार, 8 नवंबर 2026सुबह 5:23 – 6:21
दिवाली
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
रविवार, 8 नवंबर 2026शाम 5:43 – रात 7:40
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त
मंगलवार, 10 नवंबर 2026सुबह 6:22 – 8:33
भाई दूज
भाई दूज तिलक का समय
बुधवार, 11 नवंबर 2026दोपहर 12:56 – 3:06

पास के शहरों में दिवाली 2026

हर दिन का शुभ-अशुभ समय, मुफ़्त

लखनऊ के लिए राहु काल, दिन का सबसे अच्छा समय और त्योहारों की याद, हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल और छह और भारतीय भाषाओं में।

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लखनऊ में दिवाली 2026 कब है?
लखनऊ में दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:43 – रात 7:40।
लक्ष्मी पूजा वृषभ लग्न में क्यों की जाती है?
वृषभ स्थिर राशि है। स्थिर लग्न में की गई पूजा का फल स्थायी माना जाता है, इसलिए पंचांग लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल का वह भाग देते हैं जिसमें वृषभ लग्न उदय होता है।
क्या लक्ष्मी पूजा मध्यरात्रि में की जा सकती है?
तांत्रिक परंपरा मानने वाले परिवार और मंदिर महानिशीथ काल, यानी आधी रात, में पूजा करते हैं, अक्सर सिंह लग्न में। दोनों समय हर शहर के पेज की तालिका में हैं।
हर शहर में समय अलग क्यों है?
समय स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और उदय लग्न पर निर्भर है, जो स्थान के साथ बदलते हैं। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और समाप्त होती है। गोलाई और पद्धति के छोटे अंतर से पंचांगों में एक मिनट का अंतर हो सकता है।

लखनऊ (26.85°, 80.95°) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से गणना। प्रदोष काल रात का पहला पांचवां भाग है; लग्न उस स्थान का निरयण उदय लग्न है। समय निकटतम मिनट तक। गणना पद्धति