1. होम
  2. कुंडली मिलान

कुंडली मिलान: शादी के लिए फ्री गुण मिलान

कुंडली मिलान (गुण मिलान) शादी से पहले दो लोगों की जन्म कुंडलियों की तुलना है। वैदिक दृष्टि पारंपरिक अष्टकूट गुण मिलान 36 में से गिनता है, दोनों की मांगलिक स्थिति जांचता है, और केवल अंक देने के बजाय हर भाग समझाता है।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. पहले व्यक्ति की जन्म तिथि, समय और स्थान भरें, या कोई सहेजा हुआ व्यक्ति चुनें।
  2. इसी तरह दूसरे व्यक्ति को जोड़ें और मिलान का उद्देश्य चुनें।
  3. 36 गुणों का स्कोर, हर कूट के अंक, दोषों की जांच और हर परिणाम का अर्थ देखें।

गुण मिलान के आठ कूट

  • वर्ण (1 अंक) और वश्य (2): स्वभाव और आपसी प्रभाव।
  • तारा (3) और योनि (4): कल्याण और शारीरिक अनुकूलता।
  • ग्रह मैत्री (5): दोनों की चंद्र राशि के स्वामियों की मित्रता।
  • गण (6): स्वभाव — देव, मनुष्य या राक्षस।
  • भकूट (7): चंद्र राशियों की आपसी स्थिति, परिवार और धन से जुड़ी।
  • नाड़ी (8): सबसे अधिक अंकों वाला कूट, स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा।

मांगलिक, नाड़ी और भकूट दोष

मंगल दोष तब माना जाता है जब मंगल लग्न, चंद्रमा या शुक्र से कुछ विशेष भावों में हो। परंपरा इसके परिहार भी बताती है, जैसे दोनों का मांगलिक होना, और ऐप बताता है कि कौन सा नियम लागू हुआ। दोनों की नाड़ी एक हो तो नाड़ी दोष, और कुछ चंद्र राशि जोड़ों से भकूट दोष बनता है; दोनों के मान्य अपवाद परिणाम के साथ दिखाए जाते हैं।

कई परिवार 36 में से 18 या अधिक गुणों को स्वीकार्य मानते हैं, पर अंक केवल एक पहलू है। विवरण पढ़ें, और बड़े निर्णय के लिए परिवार और भरोसेमंद ज्योतिषी से बात करें।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या कुंडली मिलान फ्री है?

हां। दो लोगों का मिलान, 36 गुणों का पूरा विवरण और मांगलिक जांच फ्री है।

क्या केवल नाम से कुंडली मिलान हो सकता है?

नहीं। नाम से मिलान केवल अनुमानित नक्षत्र पर चलता है। मिलान के लिए दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए, ताकि चंद्रमा का नक्षत्र और भाव मानकर नहीं, गणना से निकलें।

कितने गुण मिलने चाहिए?

परंपरा में 36 में से 18 या अधिक स्वीकार्य माने जाते हैं और अधिक गुण अधिक सामंजस्य दिखाते हैं, पर कोई दोष या उसका परिहार कुछ अंकों से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

क्या मांगलिक दोष दोनों का देखा जाता है?

हां। दोनों की कुंडली में मंगल की स्थिति अलग-अलग जांची जाती है, और परिहार हो तो वह भी दिखाया जाता है।

वैदिक दृष्टि पर और भी

शहर के अनुसार आज का पंचांग