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आरती, चालीसा, मंत्र और व्रत कथाएं

आरती, चालीसा, मंत्र, व्रत विधि और कथाओं का संग्रह। हर पाठ बताता है कि वह किस संस्करण से लिया गया है, श्लोक देवनागरी या तमिल लिपि में लिप्यंतरण के साथ दिखाता है, और स्रोत में लिखी बात को प्रचलित परंपरा से अलग रखता है।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. नाम, देवता, व्रत या त्योहार से खोजें, या देवता के अनुसार देखें।
  2. पाठ खोलकर लिप्यंतरण सहित श्लोक पढ़ें, और उसे पसंदीदा में सहेजें।
  3. व्रत या पूजा के लिए चरण-दर-चरण विधि देखें, जिसमें स्रोत से आई बातें चिह्नित हैं।

संग्रह में क्या है

  • चालीसा और आरती: श्री हनुमान चालीसा, आरती कीजे हनुमान लला की, ओम जय जगदीश हरे, जय शिव ओंकारा, जय लक्ष्मी माता, गणपति की सेवा।
  • मंत्र: गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र।
  • व्रत विधि और कथाएं: एकादशी, प्रदोष, संकष्टी चतुर्थी, महाशिवरात्रि और सत्यनारायण।
  • संत परंपरा: कबीर की आरती, संत ज्ञानेश्वर और संत नामदेव की आरती, और कंद षष्ठी कवचम्।

स्रोत क्यों दिए जाते हैं

लोकप्रिय पाठ कई थोड़े अलग रूपों में चलते हैं। संस्करण का नाम देने से आप किसी श्लोक को अपने घर की पुस्तक से मिला सकते हैं, और मार्गदर्शन किसी वेबसाइट की जोड़ी बातों से अलग रहता है।

भक्ति संग्रह के पाठ

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या हनुमान चालीसा हिंदी में पढ़ सकते हैं?

हां। हनुमान चालीसा देवनागरी में रोमन लिप्यंतरण के साथ है, और पेज पर उपयोग किया गया संस्करण लिखा है।

क्या संग्रह फ्री है?

हां। सभी पाठ फ्री हैं, और पसंदीदा पाठ आपके फ़ोन में सहेजे जाते हैं।

अगली एकादशी या प्रदोष कब है?

अपने शहर का पंचांग देखें: उसमें हर दिन की तिथि उसके शुरू और ख़त्म होने के समय के साथ है, जिससे एकादशी, प्रदोष या चतुर्थी का दिन पता चलता है।

वैदिक दृष्टि पर और भी

शहर के अनुसार आज का पंचांग