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जालंधर में नरक चतुर्दशी 2026: अभ्यंग स्नान सुबह 5:52 – 6:49
जालंधर, पंजाब में नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 2026: पंचांग के नियमों से तारीख़ और समय।
अभ्यंग स्नान
सुबह 5:52 – 6:49
रविवार, 8 नवंबर 2026 · जालंधर
अभ्यंग स्नान सूर्योदय से पहले, चंद्रोदय और सूर्योदय के बीच, चतुर्दशी रहते किया जाता है।
जालंधर में समय
| चंद्रोदय | सुबह 5:52 |
| सूर्योदय | सुबह 6:49 |
| चतुर्दशी आरंभ | सुबह 10:48, 7 नवंबर |
| चतुर्दशी समाप्त | सुबह 11:28 |
जालंधर में दिवाली 2026: पांचों दिन
| पर्व | तारीख़ | समय |
|---|---|---|
| धनतेरस धनतेरस पूजा मुहूर्त | शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | शाम 6:04 – रात 7:58 |
| नरक चतुर्दशी अभ्यंग स्नान | रविवार, 8 नवंबर 2026 | सुबह 5:52 – 6:49 |
| दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त | रविवार, 8 नवंबर 2026 | शाम 5:56 – रात 7:51 |
| गोवर्धन पूजा गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त | मंगलवार, 10 नवंबर 2026 | सुबह 6:51 – 8:59 |
| भाई दूज भाई दूज तिलक का समय | बुधवार, 11 नवंबर 2026 | दोपहर 1:16 – 3:24 |
पास के शहरों में नरक चतुर्दशी 2026
हर दिन का शुभ-अशुभ समय, मुफ़्त
जालंधर के लिए राहु काल, दिन का सबसे अच्छा समय और त्योहारों की याद, हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल और छह और भारतीय भाषाओं में।
लोग अक्सर पूछते हैं
- जालंधर में नरक चतुर्दशी 2026 कब है?
- जालंधर में नरक चतुर्दशी 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। अभ्यंग स्नान: सुबह 5:52 – 6:49।
- क्या नरक चतुर्दशी तमिलनाडु की दीपावली है?
- हां। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में दीपावली नरक चतुर्दशी की सुबह सूर्योदय से पहले तेल स्नान के साथ मनाई जाती है, जबकि उत्तर भारत में लक्ष्मी पूजा अमावस्या की शाम होती है।
- हर शहर में समय अलग क्यों है?
- समय स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और उदय लग्न पर निर्भर है, जो स्थान के साथ बदलते हैं। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और समाप्त होती है। गोलाई और पद्धति के छोटे अंतर से पंचांगों में एक मिनट का अंतर हो सकता है।
जालंधर (31.33°, 75.58°) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से गणना। प्रदोष काल रात का पहला पांचवां भाग है; लग्न उस स्थान का निरयण उदय लग्न है। समय निकटतम मिनट तक। गणना पद्धति