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अंक ज्योतिष 1 से 9: अर्थ, ग्रह, मूलांक और भाग्यांक
हर अंक का ग्रह कौन सा है?
भारतीय अंक ज्योतिष में 1 से 9 के स्वामी सूर्य, चंद्र, गुरु, राहु, बुध, शुक्र, केतु, शनि और मंगल हैं। मूलांक जन्म के दिन को एक अंक तक जोड़कर निकलता है (23 तारीख़: 2 + 3 = 5); भाग्यांक पूरी जन्म तिथि के सभी अंक जोड़कर एक अंक तक लाकर।
अंकों का क्या अर्थ है?
| अंक | ग्रह | मूल भाव | मूलांक की तारीख़ें |
|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य | नेतृत्व | 1, 10, 19, 28 |
| 2 | चंद्र | सामंजस्य | 2, 11, 20, 29 |
| 3 | गुरु | अभिव्यक्ति | 3, 12, 21, 30 |
| 4 | राहु | व्यवस्था | 4, 13, 22, 31 |
| 5 | बुध | स्वतंत्रता | 5, 14, 23 |
| 6 | शुक्र | देखभाल | 6, 15, 24 |
| 7 | केतु | अंतर्दृष्टि | 7, 16, 25 |
| 8 | शनि | उपलब्धि | 8, 17, 26 |
| 9 | मंगल | करुणा | 9, 18, 27 |
| 11 | चंद्र (11 → 2) | प्रेरणा | – |
| 22 | राहु (22 → 4) | महान निर्माता | – |
| 33 | शुक्र (33 → 6) | उपचारक शिक्षक | – |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मूलांक कैसे निकाला जाता है?
- जन्म के दिन के अंक जोड़ते जाएँ जब तक एक अंक न बचे: 29 तारीख़, 2 + 9 = 11, 1 + 1 = 2।
- मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?
- मूलांक केवल जन्म का दिन लेता है और रोज़मर्रा का स्वभाव बताता है; भाग्यांक पूरी तारीख़ लेता है और जीवन की दिशा बताता है।
- मास्टर नंबर क्या हैं?
- पाश्चात्य जीवन-पथ पद्धति में 11, 22 और 33 को घटाया नहीं जाता। भारतीय मूलांक और भाग्यांक हमेशा 1–9 में आते हैं।