वैदिक दृष्टि
  1. होम
  2. राशि

अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

12 राशियाँ: स्वामी, नक्षत्र और सूर्य की तारीख़ें

आज चंद्रमा किस राशि में है?

2 नवंबर 2026 को चंद्रमा 3 नवंबर 2026, रात 3:46 IST तक कर्क में है। सूर्य निरयण तुला राशि में 16 नवंबर 2026, शाम 7:43 IST तक है।

12 राशियाँ कौन सी हैं?

राशिविस्तारस्वामीतत्वसूर्य प्रवेश (2026)
मेष (Aries)0°–30°मंगलअग्नि
वृषभ (Taurus)30°–60°शुक्रपृथ्वी
मिथुन (Gemini)60°–90°बुधवायु
कर्क (Cancer)90°–120°चंद्रजल
सिंह (Leo)120°–150°सूर्यअग्नि
कन्या (Virgo)150°–180°बुधपृथ्वी
तुला (Libra)180°–210°शुक्रवायु
वृश्चिक (Scorpio)210°–240°मंगलजल
धनु (Sagittarius)240°–270°गुरुअग्नि
मकर (Capricorn)270°–300°शनिपृथ्वी
कुंभ (Aquarius)300°–330°शनिवायु
मीन (Pisces)330°–360°गुरुजल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज चंद्रमा किस राशि में है?
2 नवंबर 2026 को चंद्रमा 3 नवंबर 2026, रात 3:46 IST तक कर्क में है। सूर्य निरयण तुला राशि में 16 नवंबर 2026, शाम 7:43 IST तक है।
मेरी राशि कैसे निकाली जाती है?
भारतीय ज्योतिष में आपकी राशि वह निरयण राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। इसके लिए जन्म की तारीख़, समय और स्थान चाहिए; मुफ़्त कुंडली में यह दिखती है।
भारतीय और पश्चिमी राशियाँ अलग क्यों हैं?
भारतीय ज्योतिष तारों से जुड़ा निरयण राशिचक्र (यहाँ लाहिड़ी अयनांश के साथ) लेता है; पश्चिमी ज्योतिष विषुव से जुड़ा सायन राशिचक्र। दोनों में अब लगभग 24° का अंतर है।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी और तत्व: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4। गणना पद्धति