वैदिक दृष्टि
  1. होम
  2. राशि
  3. सिंह

अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

सिंह राशि: स्वामी सूर्य, नक्षत्र, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें

सिंह राशि क्या है?

सिंह (Leo) 12 निरयण राशियों में 5वीं राशि है, राशिचक्र के 120° से 150° तक। इसका स्वामी सूर्य है, तत्व अग्नि और यह स्थिर राशि है।

चंद्रमा अगली बार सिंह में 3 नवंबर 2026, रात 3:46 IST से 5 नवंबर 2026, सुबह 9:34 IST तक रहेगा। 2026 में सूर्य सिंह में 17 अगस्त 2026, सुबह 7:58 IST से 17 सितंबर 2026, सुबह 7:52 IST तक है।

सिंह राशि का स्वामी कौन है?

सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। तालिका में राशि के स्थिर तथ्य हैं।

राशिसिंह (Leo)
क्रम5
निरयण विस्तार120°–150°
स्वामी ग्रहसूर्य
तत्वअग्नि
स्वभावस्थिर
प्रतीकसिंह
नक्षत्रमघा चरण 1–4, पूर्वा फाल्गुनी चरण 1–4, उत्तरा फाल्गुनी चरण 1

सिंह राशि में कौन से नक्षत्र हैं?

मघा चरण 1–4, पूर्वा फाल्गुनी चरण 1–4, उत्तरा फाल्गुनी चरण 1.

सिंह राशि के नाम किस अक्षर से शुरू होते हैं?

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे. नक्षत्र से बच्चों के नाम

चंद्रमा अगली बार सिंह में कब है?

चंद्रमा का प्रवेशचंद्रमा का निकासअवधि
53 घंटे 48 मिनट
53 घंटे 16 मिनट
51 घंटे 32 मिनट

सूर्य सिंह में कब प्रवेश करता है?

सूर्य का निरयण राशि में प्रवेश सिंह संक्रांति कहलाता है। तारीख़ें भारतीय पंचांगों के निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र की हैं, पश्चिमी सायन राशिचक्र की नहीं।

वर्षसूर्य का प्रवेशसूर्य का निकास
2026
2027

अन्य राशियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंह राशि का स्वामी कौन है?
सिंह राशि का स्वामी सूर्य है।
सिंह राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मघा चरण 1–4, पूर्वा फाल्गुनी चरण 1–4, उत्तरा फाल्गुनी चरण 1.
सिंह राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे.
चंद्रमा सिंह में कब है?
चंद्रमा अगली बार सिंह में 3 नवंबर 2026, रात 3:46 IST से 5 नवंबर 2026, सुबह 9:34 IST तक रहेगा।
2026 में सूर्य सिंह में कब है?
2026 में सूर्य सिंह में 17 अगस्त 2026, सुबह 7:58 IST से 17 सितंबर 2026, सुबह 7:52 IST तक है।
क्या सिंह पश्चिमी ज्योतिष की Leo राशि ही है?
नाम से यह राशिचक्र का वही बारहवाँ भाग है, पर भारतीय ज्योतिष इसे निरयण राशिचक्र में मापता है, जो अब पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है। इसलिए सूर्य सिंह में पश्चिमी Leo से लगभग तीन सप्ताह बाद प्रवेश करता है।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी, तत्व और स्वभाव: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4। गणना पद्धति