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मिथुन राशि: स्वामी बुध, नक्षत्र, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें
मिथुन राशि क्या है?
मिथुन (Gemini) 12 निरयण राशियों में तीसरी राशि है, राशिचक्र के 60° से 90° तक। इसका स्वामी बुध है, तत्व वायु और यह द्विस्वभाव राशि है।
चंद्रमा अगली बार मिथुन में 26 नवंबर 2026, सुबह 7:11 IST से 28 नवंबर 2026, सुबह 7:22 IST तक रहेगा। 2026 में सूर्य मिथुन में 15 जून 2026, दोपहर 12:53 IST से 16 जुलाई 2026, रात 11:39 IST तक है।
मिथुन राशि का स्वामी कौन है?
मिथुन राशि का स्वामी बुध है। तालिका में राशि के स्थिर तथ्य हैं।
| राशि | मिथुन (Gemini) |
| क्रम | 3 |
| निरयण विस्तार | 60°–90° |
| स्वामी ग्रह | बुध |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | द्विस्वभाव |
| प्रतीक | स्त्री-पुरुष का जोड़ा |
| नक्षत्र | मृगशिरा चरण 3–4, आर्द्रा चरण 1–4, पुनर्वसु चरण 1–3 |
मिथुन राशि में कौन से नक्षत्र हैं?
मृगशिरा चरण 3–4, आर्द्रा चरण 1–4, पुनर्वसु चरण 1–3.
मिथुन राशि के नाम किस अक्षर से शुरू होते हैं?
का, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा. नक्षत्र से बच्चों के नाम
चंद्रमा अगली बार मिथुन में कब है?
| चंद्रमा का प्रवेश | चंद्रमा का निकास | अवधि |
|---|---|---|
| 48 घंटे 11 मिनट | ||
| 47 घंटे 7 मिनट | ||
| 47 घंटे 31 मिनट |
सूर्य मिथुन में कब प्रवेश करता है?
सूर्य का निरयण राशि में प्रवेश मिथुन संक्रांति कहलाता है। तारीख़ें भारतीय पंचांगों के निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र की हैं, पश्चिमी सायन राशिचक्र की नहीं।
| वर्ष | सूर्य का प्रवेश | सूर्य का निकास |
|---|---|---|
| 2026 | ||
| 2027 |
अन्य राशियाँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मिथुन राशि का स्वामी कौन है?
- मिथुन राशि का स्वामी बुध है।
- मिथुन राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
- मृगशिरा चरण 3–4, आर्द्रा चरण 1–4, पुनर्वसु चरण 1–3.
- मिथुन राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
- का, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा.
- चंद्रमा मिथुन में कब है?
- चंद्रमा अगली बार मिथुन में 26 नवंबर 2026, सुबह 7:11 IST से 28 नवंबर 2026, सुबह 7:22 IST तक रहेगा।
- 2026 में सूर्य मिथुन में कब है?
- 2026 में सूर्य मिथुन में 15 जून 2026, दोपहर 12:53 IST से 16 जुलाई 2026, रात 11:39 IST तक है।
- क्या मिथुन पश्चिमी ज्योतिष की Gemini राशि ही है?
- नाम से यह राशिचक्र का वही बारहवाँ भाग है, पर भारतीय ज्योतिष इसे निरयण राशिचक्र में मापता है, जो अब पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है। इसलिए सूर्य मिथुन में पश्चिमी Gemini से लगभग तीन सप्ताह बाद प्रवेश करता है।
स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी, तत्व और स्वभाव: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4। गणना पद्धति