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मेष राशि: स्वामी मंगल, नक्षत्र, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें
मेष राशि क्या है?
मेष (Aries) 12 निरयण राशियों में पहली राशि है, राशिचक्र के 0° से 30° तक। इसका स्वामी मंगल है, तत्व अग्नि और यह चर राशि है।
चंद्रमा अगली बार मेष में 22 नवंबर 2026, सुबह 5:55 IST से 24 नवंबर 2026, सुबह 7:24 IST तक रहेगा। 2026 में सूर्य मेष में 14 अप्रैल 2026, सुबह 9:32 IST से 15 मई 2026, सुबह 6:22 IST तक है।
मेष राशि का स्वामी कौन है?
मेष राशि का स्वामी मंगल है। तालिका में राशि के स्थिर तथ्य हैं।
| राशि | मेष (Aries) |
| क्रम | 1 |
| निरयण विस्तार | 0°–30° |
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | चर |
| प्रतीक | मेढ़ा |
| नक्षत्र | अश्विनी चरण 1–4, भरणी चरण 1–4, कृत्तिका चरण 1 |
मेष राशि में कौन से नक्षत्र हैं?
अश्विनी चरण 1–4, भरणी चरण 1–4, कृत्तिका चरण 1.
मेष राशि के नाम किस अक्षर से शुरू होते हैं?
चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ. नक्षत्र से बच्चों के नाम
चंद्रमा अगली बार मेष में कब है?
| चंद्रमा का प्रवेश | चंद्रमा का निकास | अवधि |
|---|---|---|
| 49 घंटे 29 मिनट | ||
| 50 घंटे 38 मिनट | ||
| 52 घंटे 30 मिनट |
सूर्य मेष में कब प्रवेश करता है?
सूर्य का निरयण राशि में प्रवेश मेष संक्रांति कहलाता है। तारीख़ें भारतीय पंचांगों के निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र की हैं, पश्चिमी सायन राशिचक्र की नहीं।
| वर्ष | सूर्य का प्रवेश | सूर्य का निकास |
|---|---|---|
| 2026 | ||
| 2027 |
अन्य राशियाँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मेष राशि का स्वामी कौन है?
- मेष राशि का स्वामी मंगल है।
- मेष राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
- अश्विनी चरण 1–4, भरणी चरण 1–4, कृत्तिका चरण 1.
- मेष राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ.
- चंद्रमा मेष में कब है?
- चंद्रमा अगली बार मेष में 22 नवंबर 2026, सुबह 5:55 IST से 24 नवंबर 2026, सुबह 7:24 IST तक रहेगा।
- 2026 में सूर्य मेष में कब है?
- 2026 में सूर्य मेष में 14 अप्रैल 2026, सुबह 9:32 IST से 15 मई 2026, सुबह 6:22 IST तक है।
- क्या मेष पश्चिमी ज्योतिष की Aries राशि ही है?
- नाम से यह राशिचक्र का वही बारहवाँ भाग है, पर भारतीय ज्योतिष इसे निरयण राशिचक्र में मापता है, जो अब पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है। इसलिए सूर्य मेष में पश्चिमी Aries से लगभग तीन सप्ताह बाद प्रवेश करता है।
स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी, तत्व और स्वभाव: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4। गणना पद्धति