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कुंभ राशि: स्वामी शनि, नक्षत्र, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें
कुंभ राशि क्या है?
कुंभ (Aquarius) 12 निरयण राशियों में 11वीं राशि है, राशिचक्र के 300° से 330° तक। इसका स्वामी शनि है, तत्व वायु और यह स्थिर राशि है।
चंद्रमा अगली बार कुंभ में 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 IST से 20 नवंबर 2026, रात 12:50 IST तक रहेगा। 2026 में सूर्य कुंभ में 13 फ़रवरी 2026, सुबह 4:08 IST से 15 मार्च 2026, रात 1:03 IST तक है।
कुंभ राशि का स्वामी कौन है?
कुंभ राशि का स्वामी शनि है। तालिका में राशि के स्थिर तथ्य हैं।
| राशि | कुंभ (Aquarius) |
| क्रम | 11 |
| निरयण विस्तार | 300°–330° |
| स्वामी ग्रह | शनि |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | स्थिर |
| प्रतीक | घड़ा लिए पुरुष |
| नक्षत्र | धनिष्ठा चरण 3–4, शतभिषा चरण 1–4, पूर्वा भाद्रपद चरण 1–3 |
कुंभ राशि में कौन से नक्षत्र हैं?
धनिष्ठा चरण 3–4, शतभिषा चरण 1–4, पूर्वा भाद्रपद चरण 1–3.
कुंभ राशि के नाम किस अक्षर से शुरू होते हैं?
गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा. नक्षत्र से बच्चों के नाम
चंद्रमा अगली बार कुंभ में कब है?
| चंद्रमा का प्रवेश | चंद्रमा का निकास | अवधि |
|---|---|---|
| 57 घंटे 19 मिनट | ||
| 58 घंटे 37 मिनट | ||
| 59 घंटे 5 मिनट |
सूर्य कुंभ में कब प्रवेश करता है?
सूर्य का निरयण राशि में प्रवेश कुंभ संक्रांति कहलाता है। तारीख़ें भारतीय पंचांगों के निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र की हैं, पश्चिमी सायन राशिचक्र की नहीं।
| वर्ष | सूर्य का प्रवेश | सूर्य का निकास |
|---|---|---|
| 2026 | ||
| 2027 |
अन्य राशियाँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- कुंभ राशि का स्वामी कौन है?
- कुंभ राशि का स्वामी शनि है।
- कुंभ राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
- धनिष्ठा चरण 3–4, शतभिषा चरण 1–4, पूर्वा भाद्रपद चरण 1–3.
- कुंभ राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा.
- चंद्रमा कुंभ में कब है?
- चंद्रमा अगली बार कुंभ में 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 IST से 20 नवंबर 2026, रात 12:50 IST तक रहेगा।
- 2026 में सूर्य कुंभ में कब है?
- 2026 में सूर्य कुंभ में 13 फ़रवरी 2026, सुबह 4:08 IST से 15 मार्च 2026, रात 1:03 IST तक है।
- क्या कुंभ पश्चिमी ज्योतिष की Aquarius राशि ही है?
- नाम से यह राशिचक्र का वही बारहवाँ भाग है, पर भारतीय ज्योतिष इसे निरयण राशिचक्र में मापता है, जो अब पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है। इसलिए सूर्य कुंभ में पश्चिमी Aquarius से लगभग तीन सप्ताह बाद प्रवेश करता है।
स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी, तत्व और स्वभाव: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4। गणना पद्धति