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पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र: स्वामी गुरु, देवता, चरण, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र क्या है?
पूर्वा भाद्रपद 27 नक्षत्रों में 25वाँ नक्षत्र है, 20°00′ कुंभ – 3°20′ मीन तक (निरयण 320°00′–333°20′)। इसका विंशोत्तरी स्वामी गुरु है और देवता अज एकपाद।
चंद्रमा अगली बार पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में 19 नवंबर 2026, सुबह 6:10 IST से 20 नवंबर 2026, सुबह 6:56 IST तक रहेगा।
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन है?
विंशोत्तरी पद्धति में पूर्वा भाद्रपद का स्वामी गुरु है, इसलिए पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन गुरु की दशा से शुरू होता है। नीचे गण, योनि और नाड़ी वही हैं जो कुंडली मिलान में लिए जाते हैं।
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर क्या हैं?
हर चरण 3°20′ का है। परंपरा से किसी चरण में जन्मे बच्चे का नाम उस चरण के अक्षर से रखा जाता है।
चंद्रमा अगली बार पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में कब है?
पंचांग में दिन का नक्षत्र वही होता है जिसमें चंद्रमा हो। ये पूर्वा भाद्रपद में चंद्रमा के अगले गोचर हैं।
| चंद्रमा का प्रवेश | चंद्रमा का निकास | अवधि |
|---|---|---|
| 24 घंटे 46 मिनट | ||
| 25 घंटे 28 मिनट | ||
| 25 घंटे 50 मिनट |
अन्य नक्षत्र
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- गुरु (16 वर्ष की विंशोत्तरी दशा)।
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र किस राशि में है?
- पूर्वा भाद्रपद कुंभ और मीन में है: 20°00′ कुंभ – 3°20′ मीन।
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का गण क्या है?
- मनुष्य; योनि सिंह; नाड़ी आदि।
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
- चरण 1 से 4: से, सो, दा, दी।
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के देवता कौन हैं?
- अज एकपाद, तैत्तिरीय ब्राह्मण के अनुसार।
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र अगली बार कब है?
- चंद्रमा अगली बार पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में 19 नवंबर 2026, सुबह 6:10 IST से 20 नवंबर 2026, सुबह 6:56 IST तक रहेगा।
स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी: विंशोत्तरी दशा क्रम (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 46)। देवता: तैत्तिरीय ब्राह्मण 3.1। गण, योनि, नाड़ी: हमारे कुंडली मिलान की अष्टकूट तालिकाएँ। नाम अक्षर: अवकहड़ा चक्र। गणना पद्धति