वैदिक दृष्टि
  1. होम
  2. नक्षत्र
  3. उत्तरा फाल्गुनी

अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र: स्वामी सूर्य, देवता, चरण, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र क्या है?

उत्तरा फाल्गुनी 27 नक्षत्रों में 12वाँ नक्षत्र है, 26°40′ सिंह – 10°00′ कन्या तक (निरयण 146°40′–160°00′)। इसका विंशोत्तरी स्वामी सूर्य है और देवता अर्यमा।

चंद्रमा अगली बार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में 5 नवंबर 2026, रात 3:30 IST से 6 नवंबर 2026, रात 3:56 IST तक रहेगा।

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?

विंशोत्तरी पद्धति में उत्तरा फाल्गुनी का स्वामी सूर्य है, इसलिए उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन सूर्य की दशा से शुरू होता है। नीचे गण, योनि और नाड़ी वही हैं जो कुंडली मिलान में लिए जाते हैं।

क्रम12 / 27
विस्तार26°40′ सिंह – 10°00′ कन्या (146°40′–160°00′)
राशिसिंह, कन्या
विंशोत्तरी स्वामीसूर्य (6 वर्ष की दशा)
देवताअर्यमा
गणमनुष्य
योनिगौ (गाय)
नाड़ीआदि

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर क्या हैं?

हर चरण 3°20′ का है। परंपरा से किसी चरण में जन्मे बच्चे का नाम उस चरण के अक्षर से रखा जाता है।

चरणविस्तारराशिनाम अक्षर
126°40′ सिंह – 30°00′ सिंहसिंहटे
20°00′ कन्या – 3°20′ कन्याकन्याटो
33°20′ कन्या – 6°40′ कन्याकन्यापा
46°40′ कन्या – 10°00′ कन्याकन्यापी

नक्षत्र से बच्चों के नाम

चंद्रमा अगली बार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में कब है?

पंचांग में दिन का नक्षत्र वही होता है जिसमें चंद्रमा हो। ये उत्तरा फाल्गुनी में चंद्रमा के अगले गोचर हैं।

चंद्रमा का प्रवेशचंद्रमा का निकासअवधि
24 घंटे 25 मिनट
24 घंटे 28 मिनट
23 घंटे 53 मिनट

शहर के अनुसार आज का पंचांग

अन्य नक्षत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
सूर्य (6 वर्ष की विंशोत्तरी दशा)।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र किस राशि में है?
उत्तरा फाल्गुनी सिंह और कन्या में है: 26°40′ सिंह – 10°00′ कन्या।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का गण क्या है?
मनुष्य; योनि गौ (गाय); नाड़ी आदि।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चरण 1 से 4: टे, टो, पा, पी।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के देवता कौन हैं?
अर्यमा, तैत्तिरीय ब्राह्मण के अनुसार।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र अगली बार कब है?
चंद्रमा अगली बार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में 5 नवंबर 2026, रात 3:30 IST से 6 नवंबर 2026, रात 3:56 IST तक रहेगा।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी: विंशोत्तरी दशा क्रम (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 46)। देवता: तैत्तिरीय ब्राह्मण 3.1। गण, योनि, नाड़ी: हमारे कुंडली मिलान की अष्टकूट तालिकाएँ। नाम अक्षर: अवकहड़ा चक्र। गणना पद्धति