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अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

अनुराधा नक्षत्र: स्वामी शनि, देवता, चरण, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें

अनुराधा नक्षत्र क्या है?

अनुराधा 27 नक्षत्रों में 17वाँ नक्षत्र है, 3°20′ वृश्चिक – 16°40′ वृश्चिक तक (निरयण 213°20′–226°40′)। इसका विंशोत्तरी स्वामी शनि है और देवता मित्र।

चंद्रमा अगली बार अनुराधा नक्षत्र में 10 नवंबर 2026, सुबह 9:19 IST से 11 नवंबर 2026, सुबह 11:38 IST तक रहेगा।

अनुराधा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

विंशोत्तरी पद्धति में अनुराधा का स्वामी शनि है, इसलिए अनुराधा नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन शनि की दशा से शुरू होता है। नीचे गण, योनि और नाड़ी वही हैं जो कुंडली मिलान में लिए जाते हैं।

क्रम17 / 27
विस्तार3°20′ वृश्चिक – 16°40′ वृश्चिक (213°20′–226°40′)
राशिवृश्चिक
विंशोत्तरी स्वामीशनि (19 वर्ष की दशा)
देवतामित्र
गणदेव
योनिमृग (हिरण)
नाड़ीमध्य

अनुराधा नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर क्या हैं?

हर चरण 3°20′ का है। परंपरा से किसी चरण में जन्मे बच्चे का नाम उस चरण के अक्षर से रखा जाता है।

चरणविस्तारराशिनाम अक्षर
13°20′ वृश्चिक – 6°40′ वृश्चिकवृश्चिकना
26°40′ वृश्चिक – 10°00′ वृश्चिकवृश्चिकनी
310°00′ वृश्चिक – 13°20′ वृश्चिकवृश्चिकनू
413°20′ वृश्चिक – 16°40′ वृश्चिकवृश्चिकने

नक्षत्र से बच्चों के नाम

चंद्रमा अगली बार अनुराधा नक्षत्र में कब है?

पंचांग में दिन का नक्षत्र वही होता है जिसमें चंद्रमा हो। ये अनुराधा में चंद्रमा के अगले गोचर हैं।

चंद्रमा का प्रवेशचंद्रमा का निकासअवधि
26 घंटे 18 मिनट
26 घंटे 28 मिनट
26 घंटे 37 मिनट

शहर के अनुसार आज का पंचांग

अन्य नक्षत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुराधा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
शनि (19 वर्ष की विंशोत्तरी दशा)।
अनुराधा नक्षत्र किस राशि में है?
अनुराधा वृश्चिक में है: 3°20′ वृश्चिक – 16°40′ वृश्चिक।
अनुराधा नक्षत्र का गण क्या है?
देव; योनि मृग (हिरण); नाड़ी मध्य।
अनुराधा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चरण 1 से 4: ना, नी, नू, ने।
अनुराधा नक्षत्र के देवता कौन हैं?
मित्र, तैत्तिरीय ब्राह्मण के अनुसार।
अनुराधा नक्षत्र अगली बार कब है?
चंद्रमा अगली बार अनुराधा नक्षत्र में 10 नवंबर 2026, सुबह 9:19 IST से 11 नवंबर 2026, सुबह 11:38 IST तक रहेगा।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी: विंशोत्तरी दशा क्रम (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 46)। देवता: तैत्तिरीय ब्राह्मण 3.1। गण, योनि, नाड़ी: हमारे कुंडली मिलान की अष्टकूट तालिकाएँ। नाम अक्षर: अवकहड़ा चक्र। गणना पद्धति