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अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

चित्रा नक्षत्र: स्वामी मंगल, देवता, चरण, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें

चित्रा नक्षत्र क्या है?

चित्रा 27 नक्षत्रों में 14वाँ नक्षत्र है, 23°20′ कन्या – 6°40′ तुला तक (निरयण 173°20′–186°40′)। इसका विंशोत्तरी स्वामी मंगल है और देवता त्वष्टा (विश्वकर्मा)।

चंद्रमा अगली बार चित्रा नक्षत्र में 7 नवंबर 2026, सुबह 4:43 IST से 8 नवंबर 2026, सुबह 5:52 IST तक रहेगा।

चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

विंशोत्तरी पद्धति में चित्रा का स्वामी मंगल है, इसलिए चित्रा नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन मंगल की दशा से शुरू होता है। नीचे गण, योनि और नाड़ी वही हैं जो कुंडली मिलान में लिए जाते हैं।

क्रम14 / 27
विस्तार23°20′ कन्या – 6°40′ तुला (173°20′–186°40′)
राशिकन्या, तुला
विंशोत्तरी स्वामीमंगल (7 वर्ष की दशा)
देवतात्वष्टा (विश्वकर्मा)
गणराक्षस
योनिव्याघ्र (बाघ)
नाड़ीमध्य

चित्रा नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर क्या हैं?

हर चरण 3°20′ का है। परंपरा से किसी चरण में जन्मे बच्चे का नाम उस चरण के अक्षर से रखा जाता है।

चरणविस्तारराशिनाम अक्षर
123°20′ कन्या – 26°40′ कन्याकन्यापे
226°40′ कन्या – 30°00′ कन्याकन्यापो
30°00′ तुला – 3°20′ तुलातुलारा
43°20′ तुला – 6°40′ तुलातुलारी

नक्षत्र से बच्चों के नाम

चंद्रमा अगली बार चित्रा नक्षत्र में कब है?

पंचांग में दिन का नक्षत्र वही होता है जिसमें चंद्रमा हो। ये चित्रा में चंद्रमा के अगले गोचर हैं।

चंद्रमा का प्रवेशचंद्रमा का निकासअवधि
25 घंटे 9 मिनट
25 घंटे 26 मिनट
25 घंटे 16 मिनट

शहर के अनुसार आज का पंचांग

अन्य नक्षत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
मंगल (7 वर्ष की विंशोत्तरी दशा)।
चित्रा नक्षत्र किस राशि में है?
चित्रा कन्या और तुला में है: 23°20′ कन्या – 6°40′ तुला।
चित्रा नक्षत्र का गण क्या है?
राक्षस; योनि व्याघ्र (बाघ); नाड़ी मध्य।
चित्रा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चरण 1 से 4: पे, पो, रा, री।
चित्रा नक्षत्र के देवता कौन हैं?
त्वष्टा (विश्वकर्मा), तैत्तिरीय ब्राह्मण के अनुसार।
चित्रा नक्षत्र अगली बार कब है?
चंद्रमा अगली बार चित्रा नक्षत्र में 7 नवंबर 2026, सुबह 4:43 IST से 8 नवंबर 2026, सुबह 5:52 IST तक रहेगा।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी: विंशोत्तरी दशा क्रम (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 46)। देवता: तैत्तिरीय ब्राह्मण 3.1। गण, योनि, नाड़ी: हमारे कुंडली मिलान की अष्टकूट तालिकाएँ। नाम अक्षर: अवकहड़ा चक्र। गणना पद्धति