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अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: स्वामी सूर्य, देवता, चरण, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र क्या है?

उत्तराषाढ़ा 27 नक्षत्रों में 21वाँ नक्षत्र है, 26°40′ धनु – 10°00′ मकर तक (निरयण 266°40′–280°00′)। इसका विंशोत्तरी स्वामी सूर्य है और देवता विश्वेदेव।

चंद्रमा अगली बार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में 14 नवंबर 2026, रात 8:24 IST से 15 नवंबर 2026, रात 11:29 IST तक रहेगा।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

विंशोत्तरी पद्धति में उत्तराषाढ़ा का स्वामी सूर्य है, इसलिए उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में चंद्रमा के साथ जन्मे व्यक्ति का जीवन सूर्य की दशा से शुरू होता है। नीचे गण, योनि और नाड़ी वही हैं जो कुंडली मिलान में लिए जाते हैं।

क्रम21 / 27
विस्तार26°40′ धनु – 10°00′ मकर (266°40′–280°00′)
राशिधनु, मकर
विंशोत्तरी स्वामीसूर्य (6 वर्ष की दशा)
देवताविश्वेदेव
गणमनुष्य
योनिनकुल (नेवला)
नाड़ीअन्त्य

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के चरण और नाम अक्षर क्या हैं?

हर चरण 3°20′ का है। परंपरा से किसी चरण में जन्मे बच्चे का नाम उस चरण के अक्षर से रखा जाता है।

चरणविस्तारराशिनाम अक्षर
126°40′ धनु – 30°00′ धनुधनुभे
20°00′ मकर – 3°20′ मकरमकरभो
33°20′ मकर – 6°40′ मकरमकरजा
46°40′ मकर – 10°00′ मकरमकरजी

नक्षत्र से बच्चों के नाम

चंद्रमा अगली बार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में कब है?

पंचांग में दिन का नक्षत्र वही होता है जिसमें चंद्रमा हो। ये उत्तराषाढ़ा में चंद्रमा के अगले गोचर हैं।

चंद्रमा का प्रवेशचंद्रमा का निकासअवधि
27 घंटे 4 मिनट
27 घंटे 7 मिनट
27 घंटे 3 मिनट

शहर के अनुसार आज का पंचांग

अन्य नक्षत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
सूर्य (6 वर्ष की विंशोत्तरी दशा)।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र किस राशि में है?
उत्तराषाढ़ा धनु और मकर में है: 26°40′ धनु – 10°00′ मकर।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का गण क्या है?
मनुष्य; योनि नकुल (नेवला); नाड़ी अन्त्य।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चरण 1 से 4: भे, भो, जा, जी।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के देवता कौन हैं?
विश्वेदेव, तैत्तिरीय ब्राह्मण के अनुसार।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र अगली बार कब है?
चंद्रमा अगली बार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में 14 नवंबर 2026, रात 8:24 IST से 15 नवंबर 2026, रात 11:29 IST तक रहेगा।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी: विंशोत्तरी दशा क्रम (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 46)। देवता: तैत्तिरीय ब्राह्मण 3.1। गण, योनि, नाड़ी: हमारे कुंडली मिलान की अष्टकूट तालिकाएँ। नाम अक्षर: अवकहड़ा चक्र। गणना पद्धति