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अंतिम अपडेट · स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश

कन्या राशि: स्वामी बुध, नक्षत्र, नाम अक्षर और चंद्रमा की तारीख़ें

कन्या राशि क्या है?

कन्या (Virgo) 12 निरयण राशियों में छठी राशि है, राशिचक्र के 150° से 180° तक। इसका स्वामी बुध है, तत्व पृथ्वी और यह द्विस्वभाव राशि है।

चंद्रमा अगली बार कन्या में 5 नवंबर 2026, सुबह 9:34 IST से 7 नवंबर 2026, शाम 5:15 IST तक रहेगा। 2026 में सूर्य कन्या में 17 सितंबर 2026, सुबह 7:52 IST से 17 अक्टूबर 2026, शाम 7:51 IST तक है।

कन्या राशि का स्वामी कौन है?

कन्या राशि का स्वामी बुध है। तालिका में राशि के स्थिर तथ्य हैं।

राशिकन्या (Virgo)
क्रम6
निरयण विस्तार150°–180°
स्वामी ग्रहबुध
तत्वपृथ्वी
स्वभावद्विस्वभाव
प्रतीककन्या
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी चरण 2–4, हस्त चरण 1–4, चित्रा चरण 1–2

कन्या राशि में कौन से नक्षत्र हैं?

उत्तरा फाल्गुनी चरण 2–4, हस्त चरण 1–4, चित्रा चरण 1–2.

कन्या राशि के नाम किस अक्षर से शुरू होते हैं?

टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो. नक्षत्र से बच्चों के नाम

चंद्रमा अगली बार कन्या में कब है?

चंद्रमा का प्रवेशचंद्रमा का निकासअवधि
55 घंटे 40 मिनट
56 घंटे 3 मिनट
55 घंटे 9 मिनट

सूर्य कन्या में कब प्रवेश करता है?

सूर्य का निरयण राशि में प्रवेश कन्या संक्रांति कहलाता है। तारीख़ें भारतीय पंचांगों के निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र की हैं, पश्चिमी सायन राशिचक्र की नहीं।

वर्षसूर्य का प्रवेशसूर्य का निकास
2026
2027

अन्य राशियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्या राशि का स्वामी कौन है?
कन्या राशि का स्वामी बुध है।
कन्या राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
उत्तरा फाल्गुनी चरण 2–4, हस्त चरण 1–4, चित्रा चरण 1–2.
कन्या राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो.
चंद्रमा कन्या में कब है?
चंद्रमा अगली बार कन्या में 5 नवंबर 2026, सुबह 9:34 IST से 7 नवंबर 2026, शाम 5:15 IST तक रहेगा।
2026 में सूर्य कन्या में कब है?
2026 में सूर्य कन्या में 17 सितंबर 2026, सुबह 7:52 IST से 17 अक्टूबर 2026, शाम 7:51 IST तक है।
क्या कन्या पश्चिमी ज्योतिष की Virgo राशि ही है?
नाम से यह राशिचक्र का वही बारहवाँ भाग है, पर भारतीय ज्योतिष इसे निरयण राशिचक्र में मापता है, जो अब पश्चिमी सायन राशिचक्र से लगभग 24° पीछे है। इसलिए सूर्य कन्या में पश्चिमी Virgo से लगभग तीन सप्ताह बाद प्रवेश करता है।

स्थिति: निरयण राशिचक्र, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, डेटा फ़ाइलों सहित स्विस एफ़ेमेरिस। समय भारतीय मानक समय (IST, UTC+05:30) में, जिस क्षण चंद्रमा या सूर्य सीमा पार करता है, मिनट तक (सेकंड छोड़कर)। यह क्षण हर जगह एक ही है, केवल घड़ी का समय बदलता है। स्वामी, तत्व और स्वभाव: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 4। गणना पद्धति